Ketaki Bhave Joshi - Jai Ambe Gauri Durga Mata Ki Aarti текст песни
Исполнитель:
Ketaki Bhave Joshi
альбом: Ambe Hai Meri Maa
जय अंबे गौरी
(मैया जय श्यामा गौरी)
तुमको निशदिन ध्यावत (तुमको निशदिन ध्यावत)
हरि ब्रह्मा शिवरी
(ॐ जय अंबे गौरी)
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को
(मैया टीको मृगमद को)
उज्ज्वल से दोउ नैना (उज्ज्वल से दोउ नैना)
चंद्रवदन नीको
(ॐ जय अंबे गौरी)
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै
(मैया रक्ताम्बर राजै)
रक्तपुष्प गल माला (रक्तपुष्प गल माला)
कंठन पर साजै
(ॐ जय अंबे गौरी)
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी
(मैया खड्ग खप्पर धारी)
सुर-नर-मुनिजन सेवत (सुर-नर-मुनिजन सेवत)
तिनके दुखहारी
(ॐ जय अंबे गौरी)
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती
(मैया नासाग्रे मोती)
कोटिक चंद्र दिवाकर (कोटिक चंद्र दिवाकर)
राजत सम ज्योती
(ॐ जय अंबे गौरी)
♪
शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती
(मैया महिषासुर घाती)
धूम्र विलोचन नैना (धूम्र विलोचन नैना)
निशदिन मदमाती
(ॐ जय अंबे गौरी)
चंड-मुंड संहारी, शोणित बीज हरे
(मैया शोणित बीज हरे)
मधु-कैटभ दोउ मारे (मधु-कैटभ दोउ मारे)
सुर भयहीन करे
(ॐ जय अंबे गौरी)
ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी
(मैया तुम कमला रानी)
आगम निगम बखानी (आगम निगम बखानी)
तुम शिव पटरानी
(ॐ जय अंबे गौरी)
६४ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरों
(मैया नृत्य करत भैरों)
बाजत ताल मृदंगा (बाजत ताल मृदंगा)
अरु बाजत डमरू
(ॐ जय अंबे गौरी)
♪
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता
(मैया तुम ही हो भरता)
भक्तन की दुख हरता (भक्तन की दुख हरता)
सुख संपति करता
(ॐ जय अंबे गौरी)
भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी
(मैया वर मुद्रा धारी)
मनवांछित फल पावत (मनवांछित फल पावत)
सेवत नर-नारी
(ॐ जय अंबे गौरी)
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती
(मैया अगर कपूर बाती)
श्रीमालकेतु में राजत (श्रीमालकेतु में राजत)
कोटि रतन ज्योती
(ॐ जय अंबे गौरी)
अंबे माँ की आरती, जो कोई नर गावै
(मैया जो कोई नर गावे)
कहत शिवानंद स्वामी (कहत शिवानंद स्वामी)
सुख-संपत्ति पावै
(ॐ जय अंबे गौरी)
जय अंबे गौरी
मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशदिन ध्यावत
तुमको निशदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अंबे गौरी
ॐ जय अंबे गौरी
ॐ जय अंबे गौरी
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